गुरुकुल ५

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Friday, 4 October 2013

वोट / पात्रता

एक ही सार्वभौमिक परिचय पत्र जारी किया जाये


यदि ऐसा हो भारत वर्ष में 

एक ही सार्वभौमिक परिचय पत्र जारी किया जाये
परिचय पत्र इन्टरनेट पर प्रकाशित हो
*परिचय पत्र PAAS PORT की भांति अनिवार्य हो
*किसी भी भारतीय को इसी परिचय पत्र द्वारा वोट डालने का अधिकार हो
*परिचय पत्र अनिवार्य हो
*NO WORK NO PAY की भांति नियम हो NO VOTE NO RIGHT
*VOTING न करने पर समस्त मौलिक अधिकार भी SUSPEND कर दिये जायें
*परिचय पत्र के अभाव में किसी भी प्रकार के कार्य {GOVERMENTAL}की पात्रता न हो
*वोट / पात्रता का नियम हो आप किसी एक प्रतिनिधि का चुनाव करें ही
*राष्टपति से लेकर आम जनता का वोट डालना अनिवार्य हो
*वोट न डालना किसी अपरिहार्य कारणवश ही मान्य माना जाये
*नियम मुख्य चुनाव आयुक्त से लेकर चुनाव कर्मचारी पर भी लागू हो
*महिलाओं को वोट डालना अति अनिवार्य किया जाये
*कोई भी वैध व्यक्ति कहीं से भी अपने वोट डाल सके
*चुनाव सम्बन्धी फैसला ४ माह में निरंतरता में देना भी अनिवार्य हो
*किसी भी व्यक्ति को अधिकतम दो टर्म के लिए ही चुनाव लड़ने की पात्रता हो
* किसी प्रलोभन या पैसा के बल पर लड़ा चुनाव सिद्ध होने पर अवैध हो
*किसी भी अन्य व्यक्ति द्वारा चुनाव प्रचार अवैध माना जाये
* चुनाव प्रचार पर खर्च सीमा ४ लाख प्रति विधान सभा से अधिक न हो
*कम से कम १०००० लोगों के समर्थन पत्र के बाद ही प्रत्याशी माना जाये
*कोई भी व्यक्ति एक ही स्थान से चुनाव लड़ सकता है
*****मतदान न करना राष्ट्र द्रोह की श्रेणी में रखा जाये 
आप भी अपने विचार इसी कड़ी में सकारात्मक जोड़ सकते हैं
आपके नकारात्मक विचारों से मैं वाकिफ हूँ

बाकी कुछ हो न हो ये ज़रूर होने की संभावना होगी?

1 ९५ प्रतिशत मतदान की संभावना
2 मतदान की शक्ति का सही आंकलन
3 गलत मतदाता और बाह्य व्यक्ति की  पहचान
4 जनगणना की सत्यता का सही आंकलन
5 भारत की अस्मिता की रक्षा
6 न्याय व्यवस्था को संबल
7 अर्थ व्यवस्था को नया संबल
8 मतदान के अनैतिक खर्च में पूर्ण कटौती

04 OCTOBER 2013





Sunday, 11 August 2013

साया


पांच साल में एक बार आकर, हमारा वोट ले जाकर
1975 / 76 पेंड्रा बिलासपुर जिला मध्यप्रदेश में मुलाकात हुई श्री एच एन श्रीवास्तव जी कवि और गणित लेखक { बी एल कुल्हारा और  एच एन श्रीवास्तव } अद्भुत बाल मन लिये उनके आग्रह पर लिखा व्यंग 
श्री श्रीवास्तव जी अन्डी में प्राचार्य पद की शोभा बढ़ा रहे थे.  

श्री एच एन श्रीवास्तव जी को समर्पित 

हे प्रभु
हमारे अन्नदाता
लोगो को भयदाता
पांच साल में एक बार आकर
हमारा वोट ले जाकर
हमारे भाग्य विधाता
भले ही हम मरे या जियें
किन्तु आपकी जय हो,जय हो

मालिक
आपका साया
हमारे सर पर बना रहे
भले ही पूरा बदन खुला रहे
चाहे लुंगी, बनियान,
क्या अधोवस्त्र?
जड़ से गायब रहे

हुजूर
ये दिखावे के अंगरखा
हिजड़ों का जामा है
राज्यसभा और लोकसभा में
आपके सनेही
परम विदेही
पुत्रों का हंगामा है

मेरे मौला
मेरे आका
डाकुओं से मिला
आतंक वादियों का पिल्ला
लुच्चा, लफंगा पर थोड़ा भोला
केबिनेट मिनिस्टर
उसका ही साम्भा है

हे चक्रधारी
अमीरों के गिरिधारी
बाकी कुछ शेष
भग्नावशेष
प्रतिरक्षा मंत्री
उसका एक मामा है

15 सितम्बर 1975
चित्र गूगल से साभार