गुरुकुल ५

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Sunday, 5 January 2014

वक़्त

वो वक़्त जब गुजर गया,ये वक़्त भी गुजर जायेगा


वो वक़्त जब गुजर गया
ये वक़्त भी गुजर जायेगा
ये बात अलग है कि
कल तूने न दवा दी न दुआ की
आज तेरे दुआओं की ज़रूरत है?

नहीं?

वक़्त ने फाहा और मरहम लगा दिया
और जीना मैंने सीख लिया

**
सर्द हवाओं ने ठिठुरन से बचाया
सूरज की तेज धूप ने राहत दी
सावन की बारिस में भी मिल गई गर्मी
अंधेरों ने बंद आँखों से ही राह दिखलाया
कदम लड़खड़ाये तो हौसला आंसुओं ने दिया
क्यों कर फैलाऊ झोली
ये खाली ही सही !

क्यूँ?

वक़्त ने गम को सहना सिखलाया
और वक़्त के थपेड़ों में जीना सीख लिया

***
न वक़्त गुजरा न ठहरा
न कल मेरे लिये
न आज तेरे लिये
दर्द ने जो थामा दामन लगा ठहर गया
असर जो कम हुआ दुआओं का

बस वक़्त गुजरता गया

०४ जनवरी २०१४ 
ज़िन्दगी से बातें अवसाद के क्षणों में 

21 comments:

  1. वाह. ''ज़िन्दगी से बातें अवसाद के क्षणों में'' यही टिप्‍पणी मैं करना चाहता था.

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  2. काफी उम्दा रचना....बधाई...
    नयी रचना
    "एक नज़रिया"
    आपको नव वर्ष की ढेरो-ढेरो शुभकामनाएँ...!!
    आभार

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  3. ज़िन्दगी के साथ, जीने का जज़्बा लिये ये गुफतगू, जीने का नया अन्दाज़ सिखाती है.. एक नया फलसफा जीने का!!

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  4. जिंदगी से गुफ्तगू वो भी अवसाद के दिनों में --बहूत सुन्दर
    नया वर्ष २०१४ मंगलमय हो |सुख ,शांति ,स्वास्थ्यकर हो |कल्याणकारी हो |

    नई पोस्ट सर्दी का मौसम!
    नई पोस्ट विचित्र प्रकृति

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  5. आशा से आकाश थमा है .....

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  6. वाह....समय की गति कब थमी है ...?

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  7. वक्त बहुत बलवान होता है..

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  8. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा आज सोमवार (06-01-2014) को "बच्चों के खातिर" (चर्चा मंच:अंक-1484) पर भी होगी!
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  9. तभी तो कहते हैं की वक़्त के पास हर मर्ज़ का इलाज है ,हर दुःख का तोड़ है ,हर समस्या का समाधान है वही सिखा देता है जीना!

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  10. सिखाता समझाता... ज़िंदगी जीना बताता... और वक़्त आगे बढ़ जाता
    बस वक़्त गुजरता गया ... ज़िंदगी बीतती गई. यही जीवन. सुन्दर रचना. बधाई.

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  11. खूबसूरत फलसफा....

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  12. वक्त तो वैसे भी गुज़र जाता है .. बाकी रह जाता है बस यादों का लम्हा कहानी बन के ...

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  13. वक़्त कब ठहरता किसी के लिए...बहुत प्रभावी प्रस्तुति...

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  14. कल 11/01/2014 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
    धन्यवाद!

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  15. वक्त का कहाँ कोई ठौर ठिकाना..
    वक्त को तो बस है चलते जाना..

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  16. वक्‍़त के साथ -साथ चलते जाना ही जिंदगी का नाम है ...बड़ा ही खूबसूरत जिंदगी का सबको ये पैगाम है .....

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  17. बहुत प्रभावी ......

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  18. बेहतरीन अंदाज़..... सुन्दर
    अभिव्यक्ति....

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  19. बहुत प्रभावी प्रस्तुति...!!

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  20. सच है वक़्त से बड़ा कोई नहीं

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